संगेमरमर की चमचमाती फर्श,
स्वागत मे रखा कांटो का पायदान।
तोफहे मे मिला मखमली काफ्तन,
साथ आया नुकीली किलो का गिरेबान।
मासूम सूरत पे अनोखी मुस्कान,
दिल मे धधकता एक गरल का तूफान।
पारदर्शी जान पड़ते नियतो के शीशे,
परत दर परत जिनमे बसा है 'हैवान'।
मासूम सूरत पे अनोखी मुस्कान,
दिल मे धधकता एक गरल का तूफान।
पारदर्शी जान पड़ते नियतो के शीशे,
परत दर परत जिनमे बसा है 'हैवान'।